चांद, तारें आसमान में पत्तियां पेड़ों पर ख़त लिफाफे में किताबें लाइब्रेरी में सब अपनी जगहों पर हैं पर जब तुम्हारा सर मेरे कंधे पर आया तब महसूस हुआ कि सब कुछ ठीक जगह पर हैं।
— प्रेरणा — हम जिंदगी के किसी भी मोड़ पर हों, अक्सर कुछ लोग ऐसे मिल जाते हैं जिन्हें देखकर दिल से महसूस होता है कि भविष्य में मुझे भी इनके जैसा बनना है। उनका जीवन स्तर, उनका संघर्ष, उनका आत्मविश्वास, और कठिनाइयों में भी मुस्कुराते रहना हमें भीतर तक छू जाता है। हमें महसूस होता है कि सफलता केवल ऊंचे पदों से नहीं बल्कि जज़्बे, मेहनत और अच्छे आचरण से भी तय होती है। यह जरूरी नहीं है कि हमारे प्रेरणा स्रोत कोई प्रसिद्ध सेलिब्रिटी हों। कई बार एक साधारण सा इंसान भी अपने व्यवहार, संघर्ष और सकारात्मक सोच के जरिए हमारे लिए गहरी प्रेरणा बन जाता है। उनका सादगी भरा जीवन, सच्चाई के साथ संघर्ष करते रहना, और सपनों के प्रति समर्पण हमें बहुत कुछ सिखा जाता है। जब हम किसी को अपना प्रेरणा स्रोत मानते हैं, तो अनजाने में हम खुद को भी बेहतर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाने लगते हैं। उनका जीवन हमारे लिए एक दर्पण बन जाता है जिसमें हम अपने भविष्य की संभावनाएं देखने लगते हैं। हम ...
" चुनाव पर कुछ लाइन :"...✍️ कौन जात हो भाई? दलित है' साब ! नहीं मतलब किसमें आते हो ? आपकी गाली में आते हैं गंदी नाली में आते हैं और अलग की हुई थाली में आते हैं साब! नहीं मुझे लगा हिंदू में आते हो। आता हूँ न साब ! पर आपके चुनाव में क्या खाते हो भाई ? जो एक दलित खाता है साब ! नहीं मतलब क्या-क्या खाते हो? आपसे मार खाता हूँ कर्ज का भार खाता है और तंगी में नून तो कभी अचार खाता हूँ साब ! नही मुझे लगा कि मूर्गा खाते हो ! खाता हूँ न साब ! पर आपके चुनाव में। क्या पिते होभाई ? जो एक दलित पीता है साब ! नहीं मतलब क्या-क्या पीने हो ? छूआ हुल का गम टूटे अरमानों का दम और नंगी आंखों से देखा गया सारा भरम साब ! नहीं मुझे लगा शराब पीते हो। पीता हूँ न साब ! पर आपने चुनाव में। क्या मिला है भाई ? जो एक दलितों को मिलता है साब ! नहीं मतलब क्या -क्या मिला है ? जिल्लत भरी जिंदगी आपकी धोई हुई गंदगी और...
मेरे इन विचारों, लेखन को पढ़े देखे और हमे पथप्रदर्शक करे धन्यवाद 🙏♥️
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